Saturday, 4 January 2014

केजरीवाल जी बताये



जब से केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाई है औरआंकड़ो 
की बाजीगरी से पानी और बिजली के दाम कम कर दिए 
हैं जिसका फायदा सिर्फ और सिर्फबंगलादेशी घुसपेठियो को 
सबसे ज्यादा मिलेगा लेकिन मीडिया के विधवा रुदन से यह 
सन्देश जा रहा है की कजरी ने कोई बहुत बड़ा काम कर दिया 
ै, कजरी की वीर गाथाये चन्द्रगुप्त,शिवाजी और 
महाराणा प्रताप से भी ज्यादा बहादुरी से मीडिया में दिखाई जा
 रही हैं इससे शहरी युवा भटक रहा है. और AAP पार्टी की तरफ
 आकर्षित हो रहा है इसका सबसे बड़ा सबूत FB पर आठ दिसम्बर 
के बाद से अब तक लगभग बाईस दिनों में कजरी के बारह लाख 
लाइक्स बढ़ गए. शहर शहर इस पार्टी को ज्वाइन करने के लिए 
युवा आकर्शित हो रहे हैं,दिल रो रहा है यह देख कर कि युवा देश
 भक्ति से भटक कर देशद्रोहियो के साथ जा रहा है उसे असली और 
नकली में फर्क नहीं मालूम हो रहा है सबसे ज्यादा दुःख इस बात का
 है की पढ़ेलिखे नौजवान भी यह नहीं समझ पा रहे कि जो शख्स देश 
के गम्भीर मुद्दों पर जबाव देने के बजाय वहां से भाग जाता हो 
उसेकिस आधार पर पसंद कर रहे है सिर्फ सस्ता पानी और सस्ती
 बिजली l इसकी बाजीगरी समझने के लिए समय नहीं है लेकिन 
उसको देखो जो बारह साल से सस्ती बिजली और सस्ता पानी दे 
रहा है और सही मायने में जनता की सेवा कर रहा है l क्या केजरीवाल
 इस मुद्दों पर अपना मत स्पष्ट करेंगे:-

१. क्या दिल्ली की हरेक कॉलोनी को चौबीसों घंटेबिजली मिलेगी?

२. क्या दिल्ली में हर एक घर को पानी का कनेक्शनदिया 
जायेगा और पानी के मीटर सही रीडिंग बताएँगे .

३. क्या २० हज़ार लीटर से ज्यादा पानी खर्च करने पर 
मीटररीडिंग लेने वाला रिश्वत नहीं लेगा

४. क्या आप मीटर रीडर की निगरानी करोगे के वो बिल 
सही बना रहा है या नहीं

५. क्या इस निगरानी के लिए भरती करे जाने वाले 
स्टाफ केवेतन का भार सरकार पर नहीं पढ़ेगा या आपकी पार्टी 
केविधायक या मोहल्ले के नेता उस रीडर की निगरानी करेंगे

६. क्या आप कांग्रेस द्वारा लाये जाने वाले सांप्रदायिक एवंलक्षित 
हिंसा बिल का समर्थन करते हैं

७. पाकिस्तान द्वारा समर्थित भारत में हो रहे 
आतंकवाद सेनिपटने की आपकी क्या निति है

८. कश्मीर घाटी में हाल में सिखों के विरूद्ध जारी किये गएफतवा
 "सिक्खों घाटी छोडो" के बारे में आपका क्या रुख है

९. देश के सैनिको की पूर्ण सुरक्षा के लिए आपकी क्या योजना है

और अंत में

१० क्या आपको भरोसा है की आप पूर्ण 
बहुमत से केंद्र मेंअपनी सरकार बना लोगे या सिर्फ 
मोदी का रास्ता रोकने का ठेका ले लिया है।             



MODI RAJ

मनमोहन ने रूपये को भी नहीं छोड़ा

  

हम इरादे लेकर आये है

    

क्या मोदी का प्रधानमंत्री बनना विनाशकारी होगा


मोदी का प्रधानमंत्री बनना विनाशकारी होगा - मनमोहन सिंह 

मै बिल्कूल सहमत हू विनाशकारी सिद्ध होगा 

काँग्रेस के भ्रष्टाचार के लिऐ
.
नीतिश के अहंकार के लिऐ
.
सपा के गुंडाराज के लिऐ
.
दिल्ली मै होने वाले हर रोज बलात्कार के लिऐ
.
"आप पार्टी" जैसे हर देशद्रोही और गद्दार के लिऐ
.
बिकी हुई मीडिया कै हर पत्रकार के लिऐ
.
पाकिस्तान और चीन जैसे पडोसी गद्दार के लिऐ
.
नक्सलवाद और माऔवाद के लिऐ
.
क्या अब आप भी सहमत है हमारे मौनमोहन जी के ईस बयान से ???
.

इतिहास मनमोहन सिंह को कैसे याद रखेगा?


क्या आप जानते हैं कि इतिहास पीएम मनमोहन सिंह को कैसे याद रखेगा?


1. कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा

इतिहास के पन्ने अक्सर विजयी पक्ष की तरफ झुके होते हैं. 

लेकिन लिखने वाला कोई हो पर आने वाली पीढ़ियां ये जरूरी 

पढ़ेंगी कि मनमोहन सिंह कभी लोकसभा चुनाव नहीं जीते. 

2004 तक एक परंपरा थी कि प्रधानमंत्री जनता का प्रतिनिधि 

होता है इसलिए उसे लोकसभा से सदन में आना चाहिए. 

पर अपने दो बार के कार्यकाल में मनमोहन सिंह कभी 

लोकसभा चुनाव लड़े ही नहीं. वैसे मनमोहन सिंह एक 

बार लोकसभा चुनाव लड़े थे नई दिल्ली सीट से और हारे थे. 

ऐसे में ये तथ्य हमेशा उनके नाम के साथ जुड़ा रहेगा कि 

डॉ मनमोहन सिंह ने कभी भी लोकसभा चुनाव जीते 

बिना देश का नेतृत्व किया.

2. वास्तविक सत्ता के उदाहरण के तौर पर

राजनीति शास्त्र की किताबों में सत्ता और वास्तविक सत्ता 

के बीच का फर्क समझाना हमेशा मुश्किल होता है. लेकिन 

अब भारत में राजनीति के नए से नए छात्र के लिए ये पाठ 

उदाहरण के साथ मौजूद है. इससे पहले वास्तविक सत्ता 

के लिए हमें दूसरे देशों के उदाहरणों पर निर्भर रहना पड़ता 

था. अब जब वास्तविक सत्ता के बारे में बताया जाएगा 

तो मौजूदा सरकार का मॉडल याद रहेगा जहां सोनिया 

गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं और मनमोहन सिंह देश का 

नेतृत्व कर रहे थे.

3. ‘मौन’मोहन के तौर पर
मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से बात की. हर तरह के सवालों 

का जवाब दिया लेकिन अपने दस साल के कार्यकाल में 

मनमोहन सिंह सिर्फ तीसरी बार इस तरह पत्रकारों के 

सामने आए. इस बीच में उनके विपक्षियों ने उनकी छवि 

मौन मोहन के तौर पर बनाई. यानी ऐसा शख्स जो बड़े 

मुद्दों पर कुछ भी कमेंट करने से बचता रहा. कोयला 

घोटाला हो, 2 जी घोटाला या इस तरह के दूसरे मामले 

हों मनमोहन सिंह ने देश के लोगों से संवाद की कोशिश नहीं की.

4. ‘महंगाई’मोहन के तौर पर

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ इतिहास के पन्नों पर 

एक और छवि जुड़ी रहेगी. महंगाई मोहन के तौर पर. 

मनमोहन के पीएम रहते देश ने महंगाई का सबसे बुरा 

दौर देखा है. महंगाई समुद्र की लहरों की तरह लौट लौट 

कर आई तो सही लेकिन वापिस नहीं गई नतीजा महंगाई 

का खारा पानी लोगों के जीवन में भर गया. मनमोहन 

महंगाई को अपना नाकामी मान रहे हैं. ये वो मनमोहन 

हैं जो दूसरी बार इस वादे के साथ वापिस आए थे कि 

सौ दिन में महंगाई कम करेंगे लेकिन कर नहीं पाए.

5. अर्थशास्त्री के रहते डूबी अर्थव्यवस्था के लिए

मनमोहन सिंह इतिहास के पन्नों पर इसलिए भी दर्ज 

रहेंगे क्योंकि वे अर्थशास्त्री थे और उनके रहते अर्थव्यवस्था 

डूबती गई. कहते हैं अच्छा मछुआरा तूफान में भी कश्ती 

को संभाल लेता है लेकिन मनमोहन सिंह के रहते तूफान 

आया भी कश्ती तूफान में फंसी भी. एक वक्त था जब 

भारत मुश्किल में फंसे अमेरिका की मदद कर रहा था 

उस वक्त पूरे देश का सीना चौड़ा हो गया था लेकिन 

अब भारत की हालत ऐसी हो गई है जो दान बांटने 

का दिखावा करते-करते गरीब हो गया. इसका श्रेय 

मनमोहन सिंह को दिया जाता रहेगा.

6. फैसले ना ले पाने के लिए.

अर्थशास्त्री मानते हैं कि देश की मौजूदा हालत इसलिए 

हुए है क्योंकि एक नई तरह की लालफीताशाही खड़ी हो 

गई है. जिसकी वजह से नीतियों से जुड़े बड़े फैसले नहीं 

हो पा रहे हैं. कई अहम उद्योग फाइलों में अटके रह गए. 

जहां रोजगार बढ़ना था वहां भ्रष्टाचार का दीमक लग गया. 

पीएम को आगे बढ़कर जो राह दिखानी चाहिए थी वो दिखा 

नहीं पाए नतीजा देश पीछे होता गया.
 

क्या मोदी मुस्लिम विरोधी हैं ?

 क्या मोदी मुस्लिम विरोधी हैं ?


पत्रकार (मोदी जी से)- मोदी जी गुजरात में आपने
जितने भी आतंकवादी मारे या पकड़े उनमें से 90%
मुसलमान थे, तो क्या इससे ये साबित नहीं होता 

कि आप मुस्लिम विरोधी हैं ??

नरेंद्र मोदी - आपके इस सवाल का जवाब देने से
पहले आपसे एक बात पूछनी थी, बताओगे ??
पत्रकार - जी जरूर, पूछिए...

नरेंद्र मोदी - क्या आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट
के बारे में पता है ??

पत्रकार - जी हाँ, बिलकुल पता है, लेकिन इनकम
टैक्स डिपार्टमेंट का मेरे पूछे गए सवाल से क्या 

सम्बन्ध है ??

नरेंद्र मोदी - सम्बन्ध ये है कि इनकम टैक्स
डिपार्टमेंट के सारे देश में जितने भी छापे मारे 

जाते हैं उनमें से 90% अकेले हिंदुओं के घर पे मारे 
जाते हैं, तो क्या आप मीडिया वाले कभी ऐसा 
बोलते हैं कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हिंदू
विरोधी है ??
नहीं बोलते क्योंकि आप जानते हैं कि भई
जो भी गलत करेगा फिर उसके खिलाफ 

कार्यवाही होगी चाहे वह हिंदू हो या ना हो, 
लेकिन फिर यही सोच आतंकवाद जैसे
इतने गम्भीर मुद्दे पर आपकी क्यों नहीं होती है ?? 

आप मीडिया वालों को ऐसा क्यों लगता है कि अगर
गुनाह करने वाला मुसलमान है तो उसे छोड़ देना चाहिए ??
अरे !! भई अगर मुसलमान आतंकवादी घटनाओं
को अंजाम देगा तो मुसलमान नहीं तो क्या 

हिंदू और सिख पकड़े जाने चाहिये ?? 
ये किस तरह का सेकुलरिस्म है आपका,
जो आपको अपराधी का धर्म देखने के लिए 

मजबूर करता है बजाए के अपराध देखने के ??
इसलिए असली मुस्लिम-विरोधी मैं नहीं आपके
जैसी मानसिकता वाले वे लोग और नेता हैं जो कि एक
धर्म विशेष को अपना वोट बैंक बनाए रखने के लिए 

उसके अंदर मौजूद कुछ देशद्रोही तत्वों को बढ़ावा देते है,
उनकी गलत हरकतों का नए-२ तर्क देकर बचाव
करते हैं और हिन्दुस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के साथ 

खिलवाड़ करते हैं|

Friday, 3 January 2014

11 Years of Progress, 11 Truths


11 Years of Progress, Glimpse on all 11 Truths on Ramshe Gujarat Jeetshe Gujarat


Truth #1 – 

18.24-lakh athletes took part in State-wide 
month-long Khel Mahakumbh-2011.

Truth #2 –


Gramin Olympics –
 More than 34000 athletes participated during Gramin Olympics 
organized at Tranetar, Devigadh-Bariya and Ahva Dang.

Truth #3 – 
18.24-lakh sportspersons, including 6.92-lakh sportswomen, 
took part in 17 different events held at 1,500 villages, 
talukas and district towns this year, surpassing last year’s 
participation by 14-lakh athletes. They broke 88 records, 
42 by sportswomen this year.

Truth #4 –

It was for the first time that a special Olympic for 58,305 
physically challenged took part in 15 events and 5,429 ‘sagarkehdus’ 
(communities living in coastal regions) in beach sports.

Truth #5 –

4000 women all together under one roof, 
setting up world record in the game of chess in Gandhinagar.

Truth #6 –

Eklavya Archery Academy for Gujarati Archers – 
12 archers won medals at the state level and 3 at the national level.

Truth #7 – 

Chess Competition organized for 20,000 chess players in year 2010.

Truth #8 – 

Needbased assistance to players under shaktidoot Yojna, 
Scholarship to Females participating at national level.

Truth #9 – 

Rs. 2209.67 Crores were spend for development 
of Playgrounds under ‘Sardar Patel Ramat Gamat Sankul’, 
in 10 different districts.

Truth #10 – 

2011 Khel Mahakumbh Grand Sports Created Record – 
with participation of 60,000 specially-abled athletes 
and over 27,000 kabaddi teams.

Truth #11 – 

The French MNC, Oxylane Decathon Sports, is targeting to 
set up sports village at 3 different locations in Gujarat, 
one of them near Ahmedabad on a 20-acre land.

15 facts about Gujarat


15 facts about Gujarat which no media house told you ever

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1. The only state in India which has the infrastructure 
to provide E-services through IT to 13685 Gram Panchayats 
which are connected through Gujarat State Wide Area Network (GSWAN).

2. India’s first 1 MW Canal-top Solar Power Project 
on the Canal of the Sardar Sarovar Project 
( eliminating the need for separate land for solar plants )

3. Gujarat accounts for 15.14% (USD 114.52 bn) of the 
total investments in India; Highest amongst all States in India.

4. Gujarat is set to become the first state in the country 
to have a complete integrated police ERP 
(enterprise resource planning, a software integrating 
all aspects of an operation).

5. Nearly 100% of Gujarat’s 18,000 villages have electricity 
connection for 24hr power through the Jyotigram Yojana.

6. Gujarat tourism, attracting 1.65 crore visitors annually 
had numbers ranging to 20 lakh during years 2001-02

7. Gujarat has one of the best rural road networks in India, 
and 98.7% of villages are connected by pukka roads.

8. Under scheme called "Green Kisan Credit Card", 
govt convinced banks to consider the monetized 
value of teak trees owned by the tribal farmers 
and give them loans against the mortgage of these trees. 
( first ever in world to have tree as a guarantee )

9. In 2007, the number for malnourished children in gujarat 
was 70.69 % (highest in country) , but by 2011, the number 
came down to 38.77 % ( most improved state in country )

10. Before Narendra Modi became CM, the state’s average 
growth in GDP was 2.8%. Under him, between 2002-03 and 
2011-12, it turned out to be 10.3%.

11. In 2004-05, 33% of Gujarat's population were under 
below poverty line , in 2011-12 it dropped to 15% 
( sharpest improvement in country )

12. Gujarat was awarded the prestigious 'UN Sasakawa' 
award for outstanding work in the field of disaster 
management and risk reduction (no other Indian state got it ever )

13. Gujarat has largest OFC (optical fiber connection) 
network of more than 50,000 km. There are more than 
900,000 internet users and all villages are connected 
with broadband internet.

14. The state registered 12.8% agriculture growth 
in the last five years against the national average of 2%. 
(consistent average of above 10% over a decade)

15. The region of kutch in Gujarat was synonym to "drought" , 
this region now boasts 32% annual growth , 
second to Surat, the richest city there.

Not to mention the exemplary industrial growth, 
24x7 power supply , safe and riot free environment !! 
Let the "bluff-masters" first prove themselves 
and then raise fingers at others.

जानो महाभारत को


             MAHABHARAT



पाँच पाण्डव तथा सौ कौरवों के नाम ये थे :–

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -

1. युधिष्ठिर

2. भीम

3. अर्जुन

4. नकुल

5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण

भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु

उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त

पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन

की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव

की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..

कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -

1. दुर्योधन

2. दुःशासन

3. दुःसह

4. दुःशल

5. जलसंघ

6. सम

7. सह

8. विंद

9. अनुविंद

10. दुर्धर्ष

11. सुबाहु

12. दुषप्रधर्षण

13. दुर्मर्षण

14. दुर्मुख

15. दुष्कर्ण

16. विकर्ण

17. शल

18. सत्वान

19. सुलोचन

20. चित्र

21. उपचित्र

22. चित्राक्ष

23. चारुचित्र

24. शरासन

25. दुर्मद

26. दुर्विगाह

27. विवित्सु

28. विकटानन्द

29. ऊर्णनाभ

30. सुनाभ

31. नन्द

32. उपनन्द

33. चित्रबाण

34. चित्रवर्मा

35. सुवर्मा

36. दुर्विमोचन

37. अयोबाहु

38. महाबाहु

39. चित्रांग

40. चित्रकुण्डल

41. भीमवेग

42. भीमबल

43. बालाकि

44. बलवर्धन

45. उग्रायुध

46. सुषेण

47. कुण्डधर

48. महोदर

49. चित्रायुध

50. निषंगी

51. पाशी

52. वृन्दारक

53. दृढ़वर्मा

54. दृढ़क्षत्र

55. सोमकीर्ति

56. अनूदर

57. दढ़संघ

58. जरासंघ

59. सत्यसंघ

60. सद्सुवाक

61. उग्रश्रवा

62. उग्रसेन

63. सेनानी

64. दुष्पराजय

65. अपराजित

66. कुण्डशायी

67. विशालाक्ष

68. दुराधर

69. दृढ़हस्त

70. सुहस्त

71. वातवेग

72. सुवर्च

73. आदित्यकेतु

74. बह्वाशी

75. नागदत्त

76. उग्रशायी

77. कवचि

78. क्रथन

79. कुण्डी

80. भीमविक्र

81. धनुर्धर

82. वीरबाहु

83. अलोलुप

84. अभय

85. दृढ़कर्मा

86. दृढ़रथाश्रय

87. अनाधृष्य

88. कुण्डभेदी

89. विरवि

90. चित्रकुण्डल

91. प्रधम

92. अमाप्रमाथि

93. दीर्घरोमा

94. सुवीर्यवान

95. दीर्घबाहु

96. सुजात

97. कनकध्वज

98. कुण्डाशी

99. विरज

100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन भी थी…
 जिसका नाम""दुशाला""था, जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"
के बारे में-

किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।

कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी

कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।

गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.