Monday, 14 December 2015

देश की पहली सोलर ट्रेन...

500 ट्रेनों की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना सरकार ने पायलट प्रोजेक्टस के तहत सोलर ट्रेन के ट्रायल को मिली सफलता के बाद 500 ट्रेनों की छत पर सोलर पैनल लगाने की एक बड़ी योजना बनाई है। 
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सोलर ट्रेन से रेलवे को हर साल एक नॉन एसी कोच से 1.24 लाख रुपए की बचत होगी। अगर प्रयोग सफल रहा तो भारतीय रेलवे सोलर ट्रेन का संचालन करने वाला दुनिया का पहला देश होगा, क्‍योंकि भारतीय रेलवे पहले से ही एशिया का सबसे बड़ा...और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है।...
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सोलर पावर से ट्रेनों के परिचालन का ट्रायल सफल रहा है, जिससे उत्‍साहित होकर भारत सरकार ने अगले पांच साल में 500 ट्रेनों की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना बनाई है।...
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सोलर ट्रेन चलाने के लिए रेवाड़ी-सीतापुर पैसेंजर ट्रेन को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ट्रायल शुरू किया।


उज्जैन से शेष ज्योतिर्लिंगों की दूरी

सोमनाथ-------- 777 किमी
ओंकारेश्वर-------111 किमी
भीमाशंकर------- 666 किमी
काशी विश्वनाथ- 999 किमी
मल्लिकार्जुन-----999 किमी
केदारनाथ------- 888 किमी
त्रयंबकेश्वर-------555 किमी
बैजनाथ--------- 999 किमी
रामेश्वरम----- 1999 किमी
घृष्णेश्वर------ - 555 किमी
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उज्जैन पृथ्वी का केंद्र माना जाता है । इसलिए उज्जैन में सूर्य की गणना और ज्योतिष गण ना के लिए मानव निर्मित यंत्र भी बनाये गये है करीब 2050 वर्ष पहले । 
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और जब करीब 100 साल पहले पृथ्वी पर काल्पनिक रेखा (कर्क)अंग्रेज वैज्ञानिक द्वारा बनायीं गयी तो उनका मध्य भाग उज्जैन ही निकला । आज भी वैज्ञानिक उज्जैन ही आते है सूर्य और अन्तरिक्ष की जानकारी के लिये । 
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हिन्दू धर्म की मान्यताये पुर्णतः वैज्ञानिक आधार पर निर्मित की गयी है । 
बस हम उसे दुनिया में पेटेंट नही करवा सके ।
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भारत की पहली बुलेट ट्रेन : रोचक जानकारियां...

1. मुंबई से अहमदाबाद - रु 2800 किराया होगा 
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2. भारत में पहली बुलेट ट्रेन के लिए जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (JICA) और भारतीय रेल मंत्रालय ने साल पहले ही स्टडी शुरू की थी। इसके बाद 2015 में भारत को यह रिपोर्ट सौंपी गई।
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3. बीबीसी ने जेआईसीए के स्टडी के आधार पर यह बताया है कि मुंबई से अहमदाबाद तक के सफर के लिए लगभग 2800 रुपए चुकाने पड़ेंगे। इस रूट पर अभी सबसे ज्यादा किराया मुंबई शताब्दी के फर्स्ट क्लास का है। इस सफर को प्लेन से तय करने में एक घंटे 10 मिनट का समय लगता है जिसके लिए लभगभ 3000 रुपए चुकाने पड़ते हैं।
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4. जेआईसीए की एक रिपोर्ट के आधार पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की स्पीड अधिकतम 350 किमी/घंटा हो सकती है।
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5. मुंबई-अहमदाबाद के बीच की दूरी 505 किमी है। इसे अभी तय करने में 7 घंटे का समय लगता है। बुलेट ट्रेन से यह दूरी केवल 2 घंटे में तय की जा सकेगी।
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6. जेआईसीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुलेट ट्रेन का यह रूट 1435 मिमी चौड़ा होगा। वर्तमान में भारतीय ट्रेन जिस ट्रैक पर दौड़ती है उसकी चौड़ाई 1676 मिमी है।
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7. जेआईसीए की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन कुल 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। 
इस दौरान वह 162 किमी पुल पर और 27 किलोमीटर की दूरी 11 सुरंगों के बीच से निकल कर तय करेगी।
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8. रिपोर्ट के अनुसार इस ट्रेन में रोजाना 40,000 यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसका काम 2023 तक पूरा होने की संभावना है।


बेबी (मिल्क) पावडर

एक कंपनी है - नेस्ले , नेस्ले बेबी पावडर (डब्बे का दूध) बेचती है | यूरोप के देशों में बेबी पावडर बिकता नहीं, यूरोप के देशों में बेबी पावडर को बेबी किलर कहते हैं |
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यूरोप के कई देशों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे रहते हैं और सरकार की तरफ से उन होर्डिंगों पर प्रचार किया जाता है कि "आप अपने बच्चे को बेबी पावडर मत खिलाईये" | क्यों ? क्योंकि इसमें जहर है, तो पुरे यूरोप में ये जो बेबी पावडर "बेबी किलर" कहा जाता है वही बेबी पावडर धड़ल्ले से भारत के बाजार में बिक रहा है और बहुत वर्षों तक इस देश में जो बेबी पावडर बिकता था, उसके डब्बे पर कुछ भी लिखा नहीं होता था,
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जब कुछ अच्छे लोगों ने इस मुद्दे को उठाया, कुछ डोक्टरों ने संसद पर दबाव बनाया तब भारत की सरकार ने सिर्फ इतना सा संसोधन कर दिया कि "कंपनियों को बेबी पावडर के डब्बे पर ये लिखना आवश्यक होगा कि माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है", बस बात ख़त्म | होता ये कि भारत सरकार इन डब्बे के दूध को भारत में प्रतिबंधित कर देती, लेकिन नहीं |
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और भारत की पढ़ी-लिखी माताओं की हालत भी कुछ वैसी ही है, जो जितनी ज्यादा पढ़ी-लिखी हैं वो उतना ही ज्यादा बेबी पावडर पिलाती हैं अपने बच्चों को | कभी-कभी लगता है कि जैसे भारत में जब से बेबी पावडर आया है तभी से बच्चे जवान हो रहे हैं, बिना बेबी पावडर के तो लोग बड़े ही नहीं हुए होंगे इस देश में ?
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चंद्र शेखर आजाद ,भगत सिंह ,उधम सिंह,महाराणा प्रताप ,शिवाजी लाखो क्रांतिकारी क्या सब बेबी पावडर पीकर फांसी पर चढ़े ? कुछ ऐसा ही माहौल बनाया गया है इस देश में पिछले कुछ वर्षों से, और विरोधाभास क्या है इस देश में कि बाजार में बेबी पावडर भी बिक रहा है और "माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है" इस विषय पर सेमिनार भी आयोजित किये जाते हैं, करोड़ो रूपये खर्च कर के |
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सीधा ये नहीं करते कि बेबी पावडर को प्रतिबंधित कर दे इस देश में | जिनको समझना चाहिए कि "माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है" वो सेमिनार में आते नहीं और जिनको ये समझ है वो कोई कैम्पेन चलाते नहीं, ये इस देश का दुर्भाग्य है |

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जापानी प्रधानमंत्री बोले-जय माँ गंगे

मोदी सरकार भारत में खुद "अटेकिंग ड्रोन" बनाने का प्रोजेक्ट लोंच करेंगे

अपने ही लगाये आग में जले कांग्रेसी

6 कोंग्रेसीयों ने जैसे ही आज 14 दिसंबर को मोदी के पुतले को आग लगाई, आग ने वो 6 कोंग्रेसीयों को ही लपेट लिया !! सभी 6 कोंग्रेसीयों बुरी तरह जल गए .शिमला .. IGMC होस्पिटल के इमरजन्सी में भर्ती .... जान बचने की संभावना मिनिमम है ... 
(मोदी के पुतले को एक खरोंच तक नही आई !!)



Sunday, 22 November 2015

सियाचिन


सियाचिन दुनिया की सबसे ऊंची युद्धभूमि है। यहां सैनिक दुश्मन की गोलियों से ज्यादा मौसम के कारण मारे जाते हैं।
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सियाचिन का तापमान गिरकर (-60) डिग्री तक पहुंच जाता है। अगर कोई सैनिक यहां नंगी उंगलियों से अधिक समय तक बंदूक के ट्रिगर, गन बैरल या किसी अन्य हिस्से को टच करता है तो वह फ्रॉस्टबाइट (शीतदंश) का शिकार हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत गरमाहट और उपचार न मिलने पर उंगली काटने तक की नौबत आ जाती है।
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ऊंचाई के साथ हवा का दवाब घटता जाता है। 5400 मीटर ऊंचे सियाचिन में हवा का दवाब बहुत कम है। यहां मौजूद लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। मैदानी इलाके की तुलना में यहां सिर्फ 10 फीसदी ऑक्सीजन ही मिलता है। कम ऑक्सीजन लेवल और खराब मौसम के बावजूद यहां जवान पूरी मुस्तैदी से सीमा की रक्षा करते हैं।
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इंसान का शरीर 5400 मीटर से अधिक की ऊंचाई के अनुसार ढलने की क्षमता नहीं रखता। यही कारण है कि सियाचिन में तैनात सैनिकों की सेहत खराब हो जाती है। यहां तैनात होने वाले जवान का वजन कम जाता है, उसे खाने का मन नहीं करता और सोने में भी परेशानी होती है। कई जवान यहां तैनात होने पर भूलने की बीमारी के शिकार हो जाते हैं। सियाचिन में तैनात होने वाले सैनिक अपने शरीर की सफाई भी बड़ी मुश्किल से कर पाते हैं। जरा सा ध्यान भटका नहीं की टूथपेस्ट दांतों में जम जाता है।
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सियाचिन का मौसम कब बिगड़ जाए यह कहा नहीं जा सकता। इस दौरान तापमान माइनस 60 तक पहुंच जाता है और हवा की रफ्तार 160 km/h तक हो सकती है।
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सियाचिन में तैनात जवानों को खाने के लिए ताजे फल नहीं मिलते। अत्यधिक ठंड के कारण यहां हर चीज तुरंत जम जाती है। संतरे और सेब जैसे फल यहां कुछ ही सेकंड्स में जम कर क्रिकेट बॉल की तरह सख्त हो जाते हैं।
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सियाचिन में पिछले 30 साल में 846 सैनिकों की मौत हुई है। ज्यादातर मौतें अत्यधिक ठंड और खराब मौसम के कारण हुई हैं। पिछले तीन साल में 50 सैनिकों की मौत सियाचिन में हुई है।


भारत का नया सुपरसोनिक मिसाईल ..!!


सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल इसलिए ख़ास है क्योंकि यह दुश्मन की तरफ़ से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने में सक्षम है.
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इस मिसाइल का परीक्षण आज ओडिशा के तट पर स्थित टेस्ट रेंज में किया गया.
इस इंटरसेप्टर को "एडवांस एयर डिफेंस मिसाइल" के नाम से जाना जाता है.
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अब्दुल कलाम द्वीप (पहले व्हीलर द्वीप) पर इस मिसाइल को जैसे ही रडारों से दुश्मन की मिसाइल के आने का संकेत मिला वैसे ही इसने उसे हवा में नष्ट कर दिया.
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इंटरसेप्टर 7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस ईंधन वाली गाइडेड मिसाइल है और दिशासूचक प्रणाली, उच्च तकनीक के कंप्यूटर और इलेक्ट्र- मैकेनिकल एक्टिवेटर से लैस है.


Sunday, 1 November 2015

JAI BJP

सोने को बैंक में रखिये और पैसा भी कमाइए - नरेन्द्र मोदी की नई स्कीम


"हमारे देश में सोना एक प्रकार से सामाजिक जीवन का हिस्सा बन गया है। गोल्ड आर्थिक सुरक्षा का माध्यम माना गया है। सोने का प्यार, मैं नहीं मानता हूँ उसको कोई कम कर सकता है। लेकिन, सोने को dead-money के रूप में पड़े रखना ये तो आज के युग में शोभा नहीं देता है। सोना आर्थिक शक्ति बन सकता है। सोना देश की आर्थिक संपत्ति बन सकता है।और हर भारतवासी को इसमें योगदान देना चाहिए।
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आज मुझे खुशी है कि बजट में जो हमने वायदा किया था, इस दीवाली के त्योहार में और जबकि धनतेरस और लोग उस दिन खासरूप से सोना खरीदते हैं, तो, उसके पूर्व ही हम महत्वपूर्ण योजनाओं को लॉन्च करने जा रहे हैं। ‘Gold Monetisation Scheme’ हम लाए हैं। इसके अंतर्गत आप अपना गोल्ड बैंक में जमा कर सकते हैं और बैंक उस पर आपको ब्याज देगी जैसे कि आप अपने पैसे जमा करें और ब्याज मिलता है। पहले गोल्ड लॉकर में रखते थे और लॉकर का किराया हमें देना पड़ता था। अब गोल्ड बैंक में रखेंगे और पैसा बैंक आपको ब्याज के रूप में देगा। कहिये देशवासियो अब सोना संपत्ति बन सकता है कि नहीं बन सकता है?
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सोना Dead-Money से एक जीवंत ताकत के रूप में परिवर्तित हो सकता है कि नहीं हो सकता है? बस... यही तो काम हमें करना है आप मेरा साथ दीजिये। अब घर में गोल्ड मत रखिए। उसकी सुरक्षा और उसका ब्याज दो-दो फायदे। ज़रूर लाभ उठाइये। दूसरी एक बात है Sovereign gold Bonds में आप के हाथ में सोने की लगड़ी तो नहीं आती है। एक कागज़ आता है, लेकिन उस कागज़ का मूल्य उतना ही है, जितना कि सोने का है। और जिस दिन वो आप काग़ज वापस करोगे, वापिस करने के दिन सोने का जितना मूल्य होगा, उतना ही पैसा आपको वापिस दिया जायेगा। यानि मान लीजिये आज आपने 1000 रूपये के सोने के दाम के हिसाब से ये स्वर्णिम बांड लिया और पांच साल के बाद आप बांड वापिस करने गए और उस समय सोने का दाम ढाई हज़ार रूपये है। तो उस काग़ज के बदले में आपको ढाई हज़ार रूपये मिलेंगे। तो ये इसका हम प्रारंभ कर रहे हैं। इसके कारण अब हमें सोना खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सोना संभालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सोना कहाँ रखें उसकी चिंता हट जाएगी, और काग़ज को तो चोरी करने कोई आएगा भी नहीं। तो मैं सुरक्षा की गारंटी वाली ये स्कीम आने वाले हफ़्ते में ज़रूर देशवासियों के सामने रखूँगा।
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मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम गोल्ड क्वाईनभी ला रहे हैं। अशोक चक्र वाला Gold Coin. आज़ादी को करीब-करीब 70 साल हुए, लेकिन अब तक हम Foreign Gold Coin का ही उपयोग करते रहे हैं या Gold Bullion Bars ये भी विदेशी उपयोग करते रहे हैं। हमारे देश का स्वदेशी मार्का क्यों नहीं होना चाहिए और इसीलिए आने वाले वाले हफ्ते में और धनतेरस के पूर्व जो धनतेरस से सामान्य नागरिकों को उपलब्ध हो जाएगा। पांच ग्राम और दस ग्राम का अशोक चक्र वाला भारतीय सोने का सिक्का शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही बीस ग्राम का Gold Gunion भी लोगों के लिए उपलब्ध होगा। मुझे विश्वास है कि नई स्कीम एक आर्थिक विकास की दिशा में नया परिवर्तन लाएगी और मुझे आपका सहयोग मिलेगा।" (- Narendra Modi)

गौ-हत्या पर वेदो का अनालिसिस ..!!


1. यः पौरुषेयेण क्रविषा समङ्क्ते यो अश्व्येन पशुना यातुधानः|
यो अघ्न्याया भरति क्षीरमग्ने तेषां शीर्षाणि हरसापि वृश्च||
(~अथर्ववेद 8.3.15/ ऋग्वेद 10.87.16)
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अर्थात "जो मनुष्य, घोड़े या अन्य पशुओं जैसे गाय के मांस को खाता है तथा दूध देने वाली कभी न मारने योग्य अघ्न्या गायों के दूध को हर लेता है और प्राणियों को उसके दूध से वंचित करता है, राजा तलवार के तेज प्रहार से उनके सरों को काट दे|"
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2. यदि नो गां हंसि यद्यश्वं यदि पुरुषम्|
त्वं त्वा सीसेन विध्यामो यथा नो असो अवीरहा|| 
(~अथर्ववेद 1.16.4) 
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अर्थात "हे शत्रु! जो तू हमारी गाय को मारेगा, घोड़े को मारेगा और मनुष्य को मारेगा तो हम तुझे सीसे की गोलियों से ही बेध देंगे ताकि तू हमारे वीरों को न मार पाए|"
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3. अक्षराजाय कितवं कृतायादिनवदर्शं त्रेतायै कल्पिनं द्वापरायाधिकल्पिनमास्कन्दाय स्भास्थाणुम् मृत्यवे गोव्यच्छमन्तकाय गोघातं क्षुधे यो गां विकृन्तन्तं भिक्षमाणउप तिष्ठति दुष्कृताय चरकाचार्यं पाप्मने सैलगम||
(~यजुर्वेद 30.18)
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अर्थात "पासों से खेलने वाले जुआरियों के बीच राजा चतुर पुरुष को नियुक्त करे| राष्ट्र के रसों (करों) को कार्य व्यवस्था के लिए लेने के लिए मुख्य पदाधिकारी को नियुक्त करे | गौ आदि कल्याणकारी पशुओं पर कष्टदायी चेष्टा करने वाले को मृत्युदंड दे दो| गौ को मारने वाले पुरुष को अंत कर देने वाले जल्लाद के हाथ सौंप दो| जो अन्न की भीख मांगता हुआ प्रजाजन उपस्थित हो तो उसकी भूख की निवृत्ति के लिए कृषक को नियुक्त करो| भोज्य पदार्थों के उपर आचार्य को नियुक्त करो जो पुष्टिकारक भोजन का उपदेश करे और बुरे भोजन की हानियाँ बताता रहे, इससे लोग बुरे आचार-व्यवहार को छोडकर उत्तम आहार-विहार करना सीख जाएँगे| पाप कार्य को रोकने के लिए दुष्ट पुरुषों के संतानों, शिष्यों तथा साथियों को भी दण्डित करो|"



आ गया "Apache" फाईटर हेलीकोप्टर

भारत का लाईट कम्बेट हेलीकोप्टर "LCH" का ट्रायल .. सियाचन में लेन्ड किया !!

40 आफ्रिकन देशो के राष्ट्राध्यक्षो नरेन्द्र मोदी के साथ भारतीय परिधान में ...!