Friday, 4 July 2014

आसान हुआ वैष्‍णो देवी दर्शन, कटरा तक ले जाएगी ट्रेन

आज से आसान हुआ वैष्‍णो देवी दर्शन, 85 मीटर ऊंचा पुल पार कर कटरा तक ले जाएगी ट्रेन

शुक्रवार से वैष्‍णो देवी दर्शन के लिए जाने वाले लाखों यात्रियों को कटरा तक ट्रेन से जाने की सुविधा मिल गई है। इस यात्रा में उन्‍हें देश के सबसे ऊंचे (85 मीटर) रेल पुल  से गुजरने का रोमांच महसूस करने का भी मौका मिलेगा।

तीन जुलाई को दिल्‍ली-आगरा रूट पर सेमी बुलेट ट्रेन का सफल परीक्षण करने के बाद शुक्रवार को भारतीय रेलवे ने यात्रियों को एक नई सुविधा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा रेलवे स्‍टेशन का उद्घाटन किया और सुबह  10:10 बजे कटरा से उधमपुर के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इसके साथ ही वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सफर आसान हो गया। वे इस यात्रा के बेस कैंप कटरा तक ट्रेन से सीधे पहुंच सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के बाद कटरा रेलवे स्‍टेशन के बाहर अपने संबोधन में कहा कि उन्‍होंने चुनाव यात्रा भी यहीं से शुरू की थी और अब विकास यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुई है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य और केंद्र के तालमेल से विकास का यह बेहतरीन उदाहरण है। उन्‍होंने यह सपना भी दिखाया कि देश के रेलवे स्‍टेशन भी एयरपोर्ट के टक्‍कर के बनाए जाएंगे।

कुतुब मीनार से ज्‍यादा ऊंचा एक पुल

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बनाए गए श्री माता वैष्‍णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन और उधमपुर के बीच लाइन 25.6 किलोमीटर लंबी है।
इसे बनाने में आई लागत:  1,133 करोड़ रुपए
मुख्‍य पुल: 1, बड़े पुल: 7, छोटे पुल: 29, रोड ओवर/अंडर ब्रिज: 12
सबसे ऊंचा पुल: 85 मीटर,  झज्‍झर नदी पर बना यह पुल कुतुब मीनार से भी 12 मीटर ऊंचा है

कुल सुरंग: 10.9 किमी, सबसे लंबी सुरंग: 3.12 किमी
इस पुल पर 22 घुमाव हैं और सबसे तीखा घुमाव पांच डिग्री का है।
उधमपुर और कटरा के बीच एक छोटा सा स्‍टेशन और होगा जिसका नाम है, चक्रवाल। 

आजादी के बाद पहाड़ी इलाकों में भारत का सबसे बड़ा रेलवे प्रोजेक्‍ट

बता दें कि उधमपुर-कटरा रूट 326 किमी लंबे जम्‍मू-उधमपुर-कटरा-बनिहाल-श्रीनगर-बारामूला लाइन का हिस्‍सा है, जो कश्‍मीर को पूरे देश से जोड़ेगी। यह आजादी के बाद पहाड़ी इलाकों में भारत का सबसे बड़ा रेलवे प्रोजेक्‍ट है। इस रूट का सिर्फ एक हिस्‍सा 110 किमी लंबा कटरा-बनिहाल रूट अभी नहीं बन पाया है जिसके 2017 तक पूरा होने की उम्‍मीद है। 

पहले लोकल ट्रेन, बाद में एक्‍सप्रेस भी 

बता दें कि जम्मू-उधमपुर के बीच पहले से ही 53 किलोमीटर लंबी लाइन तैयार है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, जम्मू से उधमपुर के बीच चलने वाली 3 लोकल ट्रेनों को अब कटरा तक चलाया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे जम्‍मू मेल और संपर्क क्रांति एक्‍सप्रेस को कटरा तक चलाने पर विचार कर रहा है। नई ट्रेनें भी चलाए जाने की योजना है। इनमें से एक ट्रेन मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से कटरा तक चलाए जाने की उम्‍मीद है। अहमदाबाद-कटरा, दिल्‍ली-कटरा के बीच ट्रेन चलाने का प्रस्‍ताव भी फाइनल हो गया है।

एक करोड़ लोगों को सुविधा 

बता दें कि हर साल करीब 1 करोड़ श्रद्धालु वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाते हैं। उन्‍हें उधमपुर या जम्‍मू से सड़क मार्ग के जरिए कटरा आना होता था। इसमें दो-ढाई घंटे लगते थे और पैसे भी ज्‍यादा खर्च होते थे। लेकिन, अब ट्रेन उन्‍हें केवल 25 मिनट में और काफी कम पैसे में कटरा तक ले जाएगी। वैष्‍णो देवी दर्शन के लिए जरूरी यात्रा पर्ची भी श्रद्धालुओं को रेलवे स्‍टेशन पर ही मिल सकेगी। 

कटरा से अधिकतर श्रद्धालु ट्रैकिंग करके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जो पैदल या खच्‍चरों पर सवार होकर नहीं जा सकते, वे हेलिकॉप्‍टर की सर्विस लेते हैं। हेलिकॉप्‍टर कटरा से सांझी छत पहुंचाती है, जो वैष्‍णो देवी से 2 किमी की दूरी पर है। वहां से फिर पैदल या घोड़ की सवारी कर माता के दरबार तक जाया जा सकता है।
 


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