Saturday, 4 October 2014

बनिये परफेक्ट पापा और मम्मी

10 टिप्स जो बनाए आपको परफेक्ट PAPA MUMMY

माता-पिता बनना दुनिया का सबसे कीमती तोहफा भी है और सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी। बच्चे चाहे कितने भी बड़े हो जाएं, माता-पिता की ड्यूटी कभी खत्म नहीं होती। उन्हें सही-गलत की समझ देना और एक अच्छा इंसान बनाने का दौर बुढ़ापे तक चलता रहता है। इसके लिए आप उन्हें जैसे भी समझाएं, मकसद सिर्फ यही होता है कि वो हमेशा सही राह पर चलें और बड़ों का सम्मान करें। आपके इसी मकसद को पूरा करने के लिए आज हम कुछ खास टिप्स लेकर आएं हैं, जिससे आपको बेहतर माता-पिता बनने में मदद मिलेगी।

1. बच्चों को प्यार करें

बच्चों से प्यार जताएं। रोज़ाना उन्हें गले लगाएं, किस करें और सिर पर हाथ रखें। इन तरीकों से प्यार जताने से आपका बच्चा अपनी दिल की बात खुलकर एक दोस्त की तरह आपसे कह पाएगा। अगर आप उससे गुस्सा भी हों, तो भी गुस्से को किनारे कर उसे प्यार करना भूलें।

2. बच्चों की भी सुनें

आप अपने बच्चों से कितना भी नाराज़ क्यों हों, उनकी ज़रूर सुनें। इससेउनके अंदर आत्मविश्वास जगेगा। इतना ही नहीं, इससे बच्चे और आपमें प्यार और आपसी समझ भी बढ़ेगी। इसीलिए जब भी समय मिले खाने के समय, सोने से पहले या फिर दिन में, हमेशा बच्चों की बातें सुनें और समझें। इससे आप बच्चों को बेहतर समझ पाएंगे।

3. गुस्से पर कंट्रोल रखें

10 टिप्स जो बनाए आपको परफेक्ट PAPA MUMMY

याद रखें कि बच्चें गलती करेंगे, तभी सही क्या है ये समझ पाएंगे। इसीलिए उनकी की गई ग़लती पर गुस्सा करने के बजाय समझें कि इसके पीछे क्या वजह रही होगी। कमी कहां है?  बच्चा क्यों ग़लती कर रहा है? फिर इसके बाद उन्हें समझाएं। इससे बच्चा ग़लती दोहराने से बचेगा। साथ ही, हर छोटी-मोटी ग़लतियों पर डांटे नहीं, बल्कि प्यार से समझाएं।

 4. बच्चों को अच्छा इंसान बनने में मदद दें

बच्चों को सही-ग़लत की समझ नहीं होती। इसीलिए आप उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करते रहें और इस काम में उनकी मदद करें। उनके साथ खड़े होकर उन्हें सही दिशा दिखाएं। हर छोटी से छोटी चीज़ के बारे में उन्हें बताएं, जो उन्हें अच्छाई की ले जा सके। उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी समझाएं।


5. ग़लती पर डांटे, बच्चे को ग़लत कहें

10 टिप्स जो बनाए आपको परफेक्ट PAPA MUMMY

अगर आपका बच्चा ग़लती करता है, तो उसे आप उसकी ग़लती पर डांटे कि बच्चे को ग़लत बोलें, जैसे अगर आपका बच्चा अपने भाई या बहन को बुरा- भला बोले तो ऐसे में बच्चे को कहें कि तुम बुरे हो या उसकी और कमियों को सामने लाकर कोसें। इसके बजाय उसे समझाएं कि उसने जो किया, वह ग़लत है। साथ ही, उसे यह भी समझाएं कि ऐसा करने से क्या बुरा हो सकता है और ऐसा नहीं करना चाहिए।

6. बच्चों को प्रेज़ करें

आप बच्चों को उनके अच्छे काम के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते रहें। इससे वह हर काम को सही तरीके से करने की कोशिश करेगा और और उसमें सकारात्मक सोच विकसित होगी। अगर आपका बच्चा छोटा है और वो आपकी बातों को नहीं समझ पाता है, तो ऐसे में आप उसे हर अच्छे काम के लिए ट्रीट दें। उन्हें उनकी मनपसंद डिश खिलाएं और क्यों खिला रहें हैं, यह भी समझाने की कोशिश करें।

7. माता-पिता एक मत रखें

अगर किसी चीज के लिए आपमें से एक मना कर रहा है और दूसरा हां, तो ऐसे में बच्चे गलत धारणा बना लेते हैं। बच्चों को उनका साथ देने वाला ही अच्छा लगता है। अगर ऐसा होगा तो बच्चा ना बोलने वाले को हमेशा बुरा ही समझेगा। इसीलिए हर बात पर एक मत रखें, ताकि बच्चे पर बुरा असर हो। साथ ही, आपसी झगड़े से बच्चे को दूर ही रखें। आपके आपसी झगड़े का बच्चे की भावी जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है।


8. बेकार की जिम्मेदारियों का बोझ डालें


हर किसी की अपनी समझ और चीज़ों को समझने का तरीका होता है। इसीलिए दुनिया में हर इंसान अलग है। इसी तरह आपका बच्चा भी अपनी समझ और दिमाग से चीज़ों को करेगा। आपका फर्ज़ बस बच्चों को सही रास्ता दिखाना है, चलना उन्हें खुद है। इसी वजह से बच्चों पर प्रेशर डालने और बेकार की जिम्मेदारियों का बोझ डालने के बजाय  उन्हें अपनी दिशा खुद चुनने दें। आप बस सही-ग़लत समझाते रहें और उनके साथ रहें।  

9. बच्चों को समय दें

10 टिप्स जो बनाए आपको परफेक्ट PAPA MUMMY

अपने समय के मुताबिक बच्चों को टाइम देने की बजाय बच्चों की ज़रूरत को समझें। इससे उनके मन में आपके लिए प्यार और इज़्जत बढ़ेगी। बच्चे आपको समझ पाएंगे और आप बच्चों को। एक से ज्यादा बच्चे हों, तो  सभी को अलग-अलग समय दें। इसके लिए आप बच्चों को बाहर घुमाने ले जाएं। उन्हें म्यूज़ियम, थीम पार्क, नई-नई जगहों से रूबरू कराएं। दो बच्चे हों तो दोनों की पसंद का ख़्याल रखें। 

10. बच्चों को कभी कम्पेयर करें

बच्चों को उनके भाई-बहनों या दूसरे बच्चों से कम्पेयर करें। इससे उनके दिमाग पर गलत असर पड़ता है। वह खुद को कमज़ोर महसूस करने लगते हैं या हर बात पर झगड़ना शुरू कर देते हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी जिंदगी को लेकर भी नकारात्मक सोचने लगते हैं। इसका उनके भविष्य पर बुरा असर हो  सकता है। इसीलिए कभी भी बच्चों को दूसरों से कम आंकें। ये समझ लें, हर बच्चा एक-दूसरे से अलग होता है और उसमें कुछ खास ख़ूबियां होती हैं।



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