Friday, 3 October 2014

योनी के बारे में ये बातें कर सकती हैं हैरान

वैजाइना आत्मविश्वास

योनी (वैजाइना) को लेकर महिलाओं में कई तरह के भ्रम होते हैं। कई बार वे वैजाइना में आने वाले परिवर्तनों के कारण तनावग्रस्त भी हो जाती हैं। तो कई बार मासिक चक्र को लेकर वे चिंता करने लगती हैं।

महिलाओं की इसी परेशानी को समझते हुए लव मैटर्स ऑनलाइन ने योनी से संबंधित पांच बड़े तथ्यों की सूची बनाई है। जानिए, क्या हैं ये फैक्ट्स।

गंध, डिस्चार्ज और गीलापन

गंध - बहुत सारी महिलाओं को यह चिंता होती है की उनके वैजाइना से गंध आती है या कुछ डिस्चार्ज होता है और वो सोचती हैं कि क्या इसमें चिंता की कोई बात है?

तो हम आपको बता दें की वैजाइना से एक तरह की गंध आना बिलकुल प्राकृतिक है। इस गंध को छुपाने के लिए वहां परफ्यूम (सुगन्ध) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस से वैजाइना को नुकसान पहुंच सकता है।

डिस्चार्ज - अक्सर पीला या सफेद रंग का स्राव होता वैजाइना से होता है जिसे डिस्चार्ज कहा जाता है। योनी से स्राव होना भी बिल्कुल प्राकृतिक है और नॉर्मल भी। लेकिन अगर गंध में या स्राव के रंग में या बहाव में कोई बदलाव महसूस होता है तो मेडिकल जांच ज़रूर करवाएं।यह यौन संचारित रोग का संकेत भी हो सकता है।

गीलापन - उत्तेजना के दौरान यदि योनी में गीलापन हो तो भी यह बिलकुल नॉर्मल है। यह ज़रूरी भी होता है क्यूंकि यह प्राकृतिक चिकनापन देता है जिस से लिंग वैजाइना के अन्दर आराम से जा पाता है।

वैजाइना आत्मविश्वास

जो महिलाएं वैजाइना को लेकर ज़्यादा आरामदायक और आत्मविश्वास महसूस करती हैं, वह ज़्यादा सेक्स भी करती है और मुख मैथुन भी। लेकिन वैजाइना आत्मविश्वास का मतलब सिर्फ सुख से नहीं है। यह आपकी ज़िन्दगी भी बचा सकता है! क्यूंकि जो महिलाएं अपने वैजाइना को लेकर आत्मविश्वासी होती हैं वो अपने स्त्रीरोग विशेषज्ञ से भी नियमित रूप से मिलती हैं। इस से किसी भी तरह की गंभीर बीमारी, जैसे की सर्विकल कैंसर का पता चल सकता है।

ता लगाइए की आप कितनी आत्मविश्वासी हैं अपने वैजाइना को लेकर। और हाँ, अपनी जांच करवाना भूलियेगा मत!


जी-स्पॉट


अब जबकि वैजाइना को गोरा करने का दावा करने वाली कई क्रीम मार्किट में हैं, तो आप शायद अपने आप से यह सवाल पूछते होंगे की क्या आपकी वैजाइना ठीक-ठाक गोरी है। आपकी बाकी की त्वचा के मुकाबले आपकी वजाईना की त्वचा का रंग थोड़ा गहरा है तो ये नॉर्मल है।

वो इसलिए क्यूंकि आपकी योनी की त्वचा बहुत पतली और लचीली होती है, जिसकी वजह से वो हिस्सा गहरे रंग का दिखता है।
यहाँ की त्वचा बहुत संवेदनशील भी होती है और अगर इसे गोरा करने के लिए किसी क्रीम का इस्तेमाल आप करती हैं, तो त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है। तो, जो वैजाइना को गोरा करने क दावा करने वाले प्रसारण है, उन पर ध्यान मत दीजिये और अपने प्राकृतिक रंग से प्यार करिए - वैजाइना आत्मविश्वासी बनिए!



कुछ लोगों के लिए, जी-स्पॉट ढूँढना इतना मुश्किल होता है जैसे की कोई ख़जाना। लेकिन विशेषज्ञ अभी भी इस बात पर चर्चा करते हैं की क्या जी-स्पॉट होता भी है या नहीं।

जी स्पॉट का एरिया होता है एक सिक्के जितना, वो भी वैजाइना में 3 से 5 सेंटीमीटर अन्दर, आगे की तरफ। यह नाम पड़ा है स्त्रीरोग विशेषज्ञ एर्नेस्ट ग्रफांबर्ग के पीछे, जिन्होंने सबसे पहले 1950 में इस पर जांच करी। 

जी-स्पॉट को उतेजित करने के लिए उँगलियों का इस्तेमाल करना चाहिए या सेक्स के दौरान कुछ अलग-अलग सेक्स मुद्राओं का। कुछ महिलाओं को इससे बहुत ही संवेदनशील ऑर्गेज्म (चरम आनंद) मिलता है और कुछ को इससे कोई ख़ास एहसास नहीं मिलता।



जी-स्पॉट को सहलाने से और कुछ और तरीको से, जैसे मध्य अफ्रीका की एक तकनीक जिसे 'कुन्याज़ा' कहते हैं, से महिलाओं में वीर्यपात होता है। महिलाओं के शरीर से दो तरह के स्राव बाहर आता है। कुछ महिलाओं में एक सफेद रंग का स्राव निकलता है - जो की पुरुषों के शुक्राणु के जैसा लगता है।


जिन महिलाओं का ऑर्गेज्म पिचकारी की तरह होता है, उनमें एक चम्मच जितना स्राव भी बाहर जाता है। कभी-कभी तो आधा लीटर से ज़्यादा भी निकल सकता है। यह स्राव बहुत पानी जैसा होता है। लेकिन अभी भी इस बात पर बहस है की यह स्राव कहाँ से निकलता है। एक शोध में पाया गया था की यह स्राव मूत्राशय से बाहर आता है और कुछ पेशाब जैसा होता है।

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