Friday, 3 October 2014

रेडियो के जरिए मोदी ने रखी 'मन की बात'

रेडियो के जरिए मोदी ने रखी 'मन की बात': सुनाई शेर व भेड़ की कहानी

आम  तौर पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाने वाले प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार 3 अक्टूबर को रेडियो के जरिए आम जनता से मुखातिब हुए। 'मन की बात' नाम के इस कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो पर सुबह 11 बजे से हुआ। मोदी के भाषण का 24 भाषाओं में अनुवाद भी हुआ। ऑल इंडिया रेडियो के कुल 413 स्टशेनों ने पीएम के कार्यक्रम को प्रसारित किया। दूरदर्शन पर भी इसका प्रसारण हुआ।

गंदगी दूर करने और खादी खरीदने की अपील 

पीएम ने लोगों को दशहरे की बधाई दी। उन्होंने ने शेर और भेड़ की कहानी के जरिए आत्मबल का महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि भेड़ के बीच शेर भी अपनी ताकत भूल जाता है, इसलिए देशवासी अपनी ताकत पहचानें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह नियमित तौर पर लोगों से रेडियो के जरिए मुखातिब होंगे। 

मोदी ने कहा, ''इस विजयादशमी हम हमारे आसपास की गंदगी साफ करें। हम गंदगी को साफ करने का संकल्प लें। हमने गुरुवार को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की और मैं चाहता हूं कि आप सभी इस अभियान से जुड़ें।

'' प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब परिवारों की मदद के लिए देशवासियों से खादी के उत्पाद खरीदने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर हम खादी की कोई एक चीज भी खरीदते हैं तो इससे गरीब परिवार के घर में दिया जलने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने गुरुवार को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत करते हुए देशवासियों को साल के 100 घंटे और सप्ताह के दो घंटे सफाई कार्य में देने की शपथ दिलाई थी।

मोदी ने और क्या-क्या कहा  

-गरीब के घर में भी रेडियो होता है। रेडियो के जरिए पूरे समाज से जुड़ना चाहता हूं। 

-मुझे कई लोगों ने लिखा कि स्किल डेवलपमेंट बेहद कम उम्र से शुरू होनी चाहिए। मुझे लोगों का यह सुझाव पसंद आया।

-हमारे वैज्ञानिकों ने अपनी क्षमता दिखाई है। मंगल मिशन पर हमें गर्व है। 

-यह देश सरकार का नहीं है। यह देश हम सबका है। 

-स्वच्छ भारत अभियान के तहत हम सबको मिलकर देश से गंदगी का कलंक मिटाना होगा। हर देशवासी 9 लोगों को सफाई के लिए प्रेरित करें। 

-देशवासियों में निराशा के लिए कोई कारण नहीं होना चाहिए। 


आकाशवाणी के फिर से उठ खड़े होने की उम्मीद 

मोदी अब नियमित तौर पर रविवार को रेडियो के जरिए लोगों से संवाद करेंगे। उनके इस फैसले से आकाशवाणी को अपनी रिब्रांडिंग होने की उम्मीद है। बता दें कि पहले दूरदर्शन, फिर प्राइवेट टीवी चैनलों और बाद में प्राइवेट एफएम रेडियो ने इस सरकारी रेडियो ब्रॉडकास्टर को हाशिये पर धकेल दिया। राजनेता जहां टीवी के जरिये अपनी बात रखना पसंद करते हैं, वहीं रेडियो एंटरटेनमेंट के नाम पर लोगों ने प्राइवेट एफएम चैनलों से नाता जोड़ लिया है।  

एक अधिकारी ने बताया, "ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है। पीएम की यह बातचीत तकरीबन पूरे देश में सुनी जाएगी।" आकाशवाणी की ब्रांड इमेज भले ही कमजोर हुई हो, फिर भी यह अब भी देश में सबसे ज्यादा एरिया कवर करता है। ऑल इंडिया रेडियो की पहुंच देश की 99.20 फीसदी आबादी तक है। देश के 92.6 फीसदी भूभाग को यह कवर करता है। अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट एफएम चैनल भी एआईआर की फीड प्रसारित कर सकते हैं। 

क्या है तैयारी 


पीएम के सरकारी आवास 7 रेसकोर्स रोड में आकाशवाणी का एक स्टूडियो बनाया जा चुका है। यहां उसी तरह की सुविधाएं हैं, जो अमेरिका के राष्ट्रपति के ओवल ऑफिस में हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस के मौके पर या कोई आपदा आने की स्थिति में ही रेडियो का उपयोग करते थे। इस बार मामला अलग है। 


यूएस राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने की थी शुरुआत 


रेडियो के जरिये नियमित रूप से संवाद की शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने की थी। तब रेडियो की वही हैसियत थी, जो आज टीवी की है। महामंदी और दूसरे विश्वयुद्ध के असर से जूझ रहे अमेरिकियों से बातचीत में रूजवेल्ट ने रेडियो को जरिया बनाया था। अमेरिकी प्रेसिडेंट रोनाल्ड रीगन ने 1982 में इस परंपरा को दोबारा शुरू किया। मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा हर हफ्ते वीडियो चैट करते हैं। 






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