
क्या आप जानते हैं कि.... इस्लाम में अजान की शुरुआत कैसे हुई....???????
बात दरअसल ऐसी है कि...... किसका भगवान बड़ा है.... ये बहस आज से नहीं, बल्कि सैकड़ों सालों से चल रही है...!
और.....
आज से करीब 1400 साल पहले..... एक बार मुहम्मद नामक एक मुस्लिम लड़के और एक हिन्दू लडके मे बहस हो गई....कि .. किसका भगवान बड़ा है....????
मुहम्मद
का बोलना था कि.... हमारा अल्लाह तुम्हारे पूरे कौम पर भारी पडेगा.... जबकि, हिन्दू युवक का बोलना था कि.....हमारे भगवान तेरे पूरे इस्लाम पर भारी पडेंगे....!
दोनो मे बहुत देर तक बहस हुई ... परन्तु, कुछ भी नतीजा नहीं निकल पाया ...!
लेकिन...
तभी वो मुहम्मद नामक लडका बोला कि........ हमदोनों बिना वजह ही बहस कर रहे हैं.... इससे अच्छा है कि.... हम ये काम अपने-अपने भगवान पर छोड देते है...!
मुहम्मद
की बात पर..... वो हिन्दू लड़का सहमत हो गया ..... और..... दोनों में सहमति बन गई....!
फिर....
मुहम्मद ने उनके अल्लाह को बुलाया.......और.... हिंदु लड़के ने बुलाया अपने हनुमान जी को...
उसके बाद ..... हनुमानजी ने अल्लाह से कहा कि.......... हम दोनो एक-दूसरे को तीन-तीन लात मारेंगे..... और, उसमे जो भारी पडेगा वो ही जीतेगा.
इस पर .... अल्लाह सहमत हो गया.... और, शर्त रखी कि.....पहले मैं लात मारूंगा ...!
दयालु हनुमान जी बोले.......... ठीक है... जैसी तुम्हारी इच्छा ...!
फिर अल्लाह ने पूरी ताकत लगाकर हनुमानजी को ......एक जोर से लात मारी , लेकिन, बजरंगबली का ""एक बाल तक नहीं हिला..."" और, वे मुस्कुराते रहे....!
फिर अल्लाह ने थोडा और जोर से लात मारी.......लेकिन , इस बार भी ....हनुमान जी की पूंछ थोड़ी सी हिल के रह गई...!
अंत में अल्लाह ने अपनी पूरी शक्ति बटोर कर एक और जोर की लात मारी...... लेकिन , एक बार फिर से हनुमान जी की पूंछ फिर से थोड़ी हिल कर रह गई....!
इसके बाद .... हनुमान जी बोले .........अब मेरी बारी.........!
और.......
हनुमानजी ने अल्लाह को .... जमा कर एक जोर की लात मारी.......... जिसपर.... अल्लाह जोर से चिल्लाया और हवा मे उड़ कर कही गायब हो गया...!
तब से अल्लाह कहाँ गायब हुआ.... किसी को पता ही नहीं चल पाया ....!
और... आजतक मुसलमान दिन मे पाँच बार जोर-जोर से गला फाडकर अपने अल्लाह को बुलाते है.........लेकिन, बजरंगबली के डर से .........अल्लाह है कि ... वापिस आने का नाम ही नही ले रहा है ..!
तो
.... उनके अल्लाह से मेरी अपील है कि.....
हे अल्लाह..... तुम जहाँ कहीं भी हो.... शराफत से सामने आ जाओ...
क्योंकि...
तुम्हे दो और लातें खाने बाकी है....
और, तुम्हारी अनुपस्थिति में तुम्हारे अनुयायी बिना वजह ही......... दुनिया में हर जगह एवं हर किसी से लात खा रहे हैं....!
जय महाकाल ...!!!
नोट: यह पुरतः एक काल्पनिक घटना है और किसी भी जीवित अथवा मृत व्यक्ति से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है... किसी धर्मग्रन्थ से इसका मिलान महज एक संयोग माना जायेगा...!
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